एक अरसे से ज़िन्दगी यूँ ही गुज़र रही है, बर्फ की तरह धीरे धीरे पिघल रही है, एक अरसे से ज़िन्दगी यूँ ही गुज़र रही है, बर्फ की तरह धीरे धीरे पिघल रही है,
हम सब सपने देखते हैं - आज़ादी के, एक खुशहाल जीवन के, प्रेम के, आकाश को छूने के। ऐसे ही ग़ुलामी की ज़ंजी... हम सब सपने देखते हैं - आज़ादी के, एक खुशहाल जीवन के, प्रेम के, आकाश को छूने के। ऐ...
वह लम्बे डग भरता हुआ चला गया। वह लम्बे डग भरता हुआ चला गया।
वैशाख माह में गधे के खुश रहने से गधे को ‘वैशाखनन्दन’ भी कहते हैं। वैशाख माह में गधे के खुश रहने से गधे को ‘वैशाखनन्दन’ भी कहते हैं।
आँसुओं को लिखने की कोशिश की तो लगा कि वह इतने पन्नों में समेट न पाऊँगी.....सब कुछ कोरा ही रह गया बेट... आँसुओं को लिखने की कोशिश की तो लगा कि वह इतने पन्नों में समेट न पाऊँगी.....सब कु...
तब से, लोगों ने काफिले के फूल को 'मैडोना कप' कहा है।" तब से, लोगों ने काफिले के फूल को 'मैडोना कप' कहा है।"